बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर से पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर ₹43.48 लाख की क्रिप्टो ठगी
बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पार्ट-टाइम ऑनलाइन नौकरी के प्रस्ताव के बाद कथित क्रिप्टो ठगी में ₹43.48 लाख गंवा दिए। शुरुआती भुगतान और दिखाए गए मुनाफे के जरिए भरोसा कायम करने के बाद उनसे बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई।

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बेंगलुरु, मई 2026: बेंगलुरु के थानिसंद्रा क्षेत्र में रहने वाले 36 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को एक अनजान व्हाट्सऐप संदेश के जरिए पार्ट-टाइम ऑनलाइन काम का प्रस्ताव मिला। शुरुआत में उन्हें उत्पादों की रेटिंग और ऑनलाइन रिव्यू जैसे सरल कार्य दिए गए। बाद में बातचीत टेलीग्राम पर ले जाकर उन्हें एक ऐसे क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की ओर निर्देशित किया गया, जो कथित तौर पर वास्तविक निवेश मंच जैसा दिखाई देता था।
1. पीड़ित की पृष्ठभूमि
शिकायत पर आधारित रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित 36 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और थानिसंद्रा, बेंगलुरु में रहते हैं। उन्हें व्हाट्सऐप के माध्यम से घर से किए जा सकने वाले पार्ट-टाइम काम का प्रस्ताव मिला था। इस काम में Amazon पर उत्पादों की रेटिंग करने और रिव्यू पोस्ट करने जैसे कार्य शामिल थे।
2. घटनाओं की श्रृंखला
पीड़ित ने शुरुआती कुछ कार्य पूरे किए और उन्हें छोटी रकम का भुगतान भी मिला। इससे यह विश्वास पैदा हुआ कि ऑनलाइन काम का प्रस्ताव वास्तविक है। इसके बाद बातचीत व्हाट्सऐप से टेलीग्राम पर स्थानांतरित कर दी गई। वहां उन्हें एक क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की जानकारी दी गई। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें Coinbase से जुड़ी एक फर्जी लिंक का इस्तेमाल किया गया था और प्लेटफॉर्म पर बढ़ती हुई राशि तथा कथित मुनाफा दिखाया जाता था।
शुरुआत में कुछ रकम निकाल पाने के कारण पीड़ित का भरोसा और बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने बड़ी रकम ट्रांसफर करनी शुरू की और अंततः कुल ₹43.48 लाख गंवा दिए। जब उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो कथित तौर पर उनसे अतिरिक्त प्रोसेसिंग शुल्क, टैक्स या सेटलमेंट शुल्क मांगा गया। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
3. ठगी के लिए अपनाई गई कार्यप्रणाली
इस मामले में विश्वास पैदा करने की एक क्रमिक रणनीति अपनाई गई। शुरुआत में फर्जी पार्ट-टाइम नौकरी और आसान ऑनलाइन कार्य दिए गए। छोटी रकम के भुगतान के बाद पीड़ित को क्रिप्टोकरेंसी निवेश की ओर ले जाया गया। फर्जी प्लेटफॉर्म पर कथित मुनाफा और खाते की बढ़ती राशि दिखाई गई। शुरुआत में सीमित निकासी की सुविधा देकर प्लेटफॉर्म को वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई। बड़ी रकम जमा होने के बाद पैसे निकालने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांगा गया।
4. भावनात्मक कारकों का दुरुपयोग
इस मामले में तत्काल डर पैदा करने के बजाय धीरे-धीरे विश्वास कायम किया गया। शुरुआती भुगतान, दिखाई जा रही कमाई और सीमित निकासी की सुविधा ने पीड़ित को अधिक रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। यह तरीका इसलिए प्रभावी हो सकता है क्योंकि धोखाधड़ी अचानक नहीं, बल्कि एक सामान्य ऑनलाइन अवसर के रूप में शुरू होती है और धीरे-धीरे वित्तीय जाल में बदलती है।
5. ठगी का प्रभाव
इस मामले में पीड़ित को ₹43.48 लाख का आर्थिक नुकसान हुआ। बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर वित्तीय लेनदेन और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की है।
6. सुरक्षित रहने के उपाय
अज्ञात स्रोतों से मिलने वाले ऑनलाइन नौकरी के प्रस्तावों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किए बिना कोई भुगतान न करें। नौकरी या निवेश के नाम पर अनावश्यक शुल्क मांगा जाए तो सावधान रहें। किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मुनाफा दिखाई देने या शुरुआती रकम निकाल पाने को उसकी विश्वसनीयता का प्रमाण न मानें। पैसे निकालने के लिए “प्रोसेसिंग फीस”, “टैक्स” या “सेटलमेंट चार्ज” मांगा जाना एक बड़ा चेतावनी संकेत है। वित्तीय साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर संपर्क करें या National Cyber Crime Reporting Portal — cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
तुरंत क्या करें
ठग से संपर्क तोड़ें
कॉल या चैट बंद करें. सामने वाला आधिकारिक या गुस्से में लगे, तब भी बात जारी न रखें.
पैसे गए हों तो 1930 पर कॉल करें
पहला घंटा ट्रांसफर रोकने का सबसे अच्छा मौका देता है.
सबूत बचाएं
लेन-देन आईडी, फोन नंबर, लिंक, स्क्रीनशॉट और कॉल रिकॉर्ड रखें.
सुरक्षा चेकलिस्ट
- Never share OTPs, PINs, passwords, or screen-sharing access.
- Verify urgent claims using official phone numbers only.
- Talk to a trusted person before moving money under pressure.
- Report suspicious calls and messages quickly.







